साथी हाथ बढ़ाना
आचार संहिता
मृत्यु से संबंधित विशेष योजना के सदस्यों के संबंध में नियम व शर्तें –
यदि न्यास द्वारा संचालित इस विशेष योजना के अन्तर्गत पंजीकृत सदस्य की मृत्यु हो जाती है तो इस विशेष योजना से जुड़े अन्य सदस्यों द्वारा पृथक-पृथक रूप से कार्यकारी परिषद द्वारा घोषित सहयोग/सहायता/दान की राशि को सीधे उस मृत व्यक्ति के नॉमिनी (जिसकी घोषणा उस व्यक्ति ने इस योजना के अन्तर्गत अपने जीवनकाल में की हो, यदि उक्त मृत व्यक्ति ने अपने जीवनकाल में कई बार नॉमिनी का नाम बदला हो तो ऐसी दशा में उसके द्वारा घोषित अन्तिम नॉमिनी) के बैंक खाते में भेजी जायेगी, जिससे इस न्यास द्वारा संचालित इस विशेष योजना के अन्तर्गत जुड़े सदस्य की मृत्यु के पश्चात उसके परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जा सके, इस प्रकार दी गई सहायता विशुद्ध रूप से दान की श्रेणी में होगा | न्यास द्वारा संचालित इस विशेष योजना को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु न्यास का कार्यकारी परिषद आवश्यकतानुसार किसी समिति का गठन कर सकता है तथा उसका अधिकार, कार्यक्षेत्र तथा सेवा शर्तें आदि सुनिश्चित कर सकता है |
नोट :- न्यास द्वारा संचालित इस विशेष योजना के अन्तर्गत पंजीकृत सदस्य अधिकतम दो लोगों को नॉमिनी बना सकता है |
न्यास के कार्यकारी परिषद को इस विशेष योजना को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु नियम, शर्तें, विधि, प्रविधि, किसी मामले की जाँच, स्थलीय या भौतिक सत्यापन अथवा इस विशेष योजना के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार का निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार होगा तथा उसकी वैधानिकता को चुनौती नहीं दी जा सकेगी | कोई भी सदस्य अथवा नॉमिनी आर्थिक सहायता हेतु विधिक दावा प्रस्तुत नहीं कर सकेगा। क्योंकि सहायता का निर्णय नैतिक आधार पर न्यास के कार्यकारी परिषद अथवा उसके द्वारा गठित समिति द्वारा लिया जाएगा। इस विशेष योजना के अन्तर्गत दी जाने वाली आर्थिक सहायता विशुद्ध रूप से दान की श्रेणी में आयेगा |
न्यास द्वारा संचालित इस विशेष योजना के अन्तर्गत सदस्य के रूप में पंजीकरण की पात्रता एवं शर्तें इस प्रकार निम्न हैं –
- न्यास के इस विशेष योजना की सदस्यता प्राप्त करने की आयु सीमा एवं पात्रता – कोई भी व्यक्ति जो “साथी हाथ बढ़ाना” न्यास के इस विशेष योजना के उद्देश्यों तथा उसके नियम व शर्तों से सहमत हो, सदस्यता प्राप्त कर सकता है। इस विशेष योजना की सदस्यता हेतु आयु सीमा 18 वर्ष से 70 वर्ष निर्धारित है। 70 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर इस विशेष योजना की सदस्यता स्वतः ही समाप्त हो जाएगी। सदस्यता प्राप्त करने हेतु ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध पंजीकरण प्रपत्र भरना अनिवार्य होगा, जो न्यास की इस विशेष योजना के नियम व शर्तों के अधीन होगा।
- न्यास द्वारा संचालित इस विशेष योजना के सदस्य के रूप में पंजीकरण व नवीनीकरण – न्यास द्वारा संचालित इस विशेष योजना में प्रथम बार सदस्य बनने हेतु पंजीकरण सहयोग राशि/दान 101/- रुपया तथा उसके पश्चात न्यास द्वारा इस विशेष योजना हेतु घोषित अवधि के अन्दर ही अग्रिम वित्तीय वर्ष के लिए नवीनीकरण हेतु 51/- रुपया सहयोग राशि/दान देना अनिवार्य होगा | यदि इस विशेष योजना हेतु न्यास द्वारा घोषित अवधि में नवीनीकरण नहीं कराया जाता है तो उक्त व्यक्ति की सदस्यता स्वतः ही समाप्त हो जाएगी तथा उसे पुन: सदस्यता प्राप्त करने हेतु पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। भविष्य में न्यास द्वारा आवश्यकतानुसार इस विशेष योजना के पंजीकरण व नवीनीकरण सहयोग राशि/दान की राशि घटाई या बढाई जा सकती है। इस प्रकार पंजीकृत या नवीनीकृत सदस्य की सदस्यता उस वित्तीय वर्ष के लिए ही होगी जिसमें वह पंजीकृत या नवीनीकृत हो रहा है।
न्यास द्वारा संचालित इस विशेष योजना के अन्तर्गत पंजीकृत व नवीनीकृत सदस्यों द्वारा उक्त प्रकार से प्राप्त पंजीकरण सहयोग राशि/दान 101/- रुपये तथा नवीनीकरण सहयोग राशि/दान 51/- रुपये का उपयोग निम्नलिखित कार्यों हेतु किया जाएगा –
- वेबसाइट निर्माण एवं संचालन में
- मोबाइल ऐप निर्माण एवं संचालन में
- जिला एवं प्रादेशिक कार्यालयों के संचालन के व्यय में
- हेल्पलाइन स्टाफ को मानदेय में
- दिवंगत या जरूरतमंद सदस्य के घर स्थलीय सत्यापन में
- प्रचार-प्रसार एवं सदस्यता अभियान में
- नई तकनीकों के विकास में
- प्राणी मात्र के कल्याणार्थ जीव-जन्तुओं, पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों, वनस्पतियों, प्रकृति व पर्यावरण तथा पृथ्वी के पारिस्थितिकीय तंत्र के शोध संरक्षण, पर्यवेक्षण, सर्वेक्षण, जागरूकता कार्यक्रम आदि से सम्बंधित समस्त कार्य, वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक शोध आदि से सम्बंधित समस्त कार्य |
- इस विशेष योजना की गतिविधियों से अद्यतन रखने की व्यवस्था – सदस्यों को न्यास एवं न्यास की इस विशेष योजना की गतिविधियों, नियम, निर्देश, शर्तों, बंधो, उपबंधों, विधियों, प्रविधियों आदि से अद्यतन रखने हेतु आधिकारिक वेबसाइट, व्हाट्सएप समूह अथवा टेलीग्राम समूह में सम्मिलित होना अनिवार्य होगा। सूचना के अभाव में यदि सदस्य की वैधानिकता आदि पर कोई प्रभाव पड़ता है, तो इसके लिए सदस्य स्वयं उत्तरदायी होगा। न्यास द्वारा संचालित इस विशेष योजना के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार के निर्णय का आधार न्यास की वेबसाइट पर इस विशेष योजना के सम्बन्ध में तत्समय उपलब्ध नियमावली ही मान्य होगी |
- मृत सदस्य द्वारा घोषित नॉमिनी को आर्थिक सहायता का प्रावधान – यदि न्यास द्वारा संचालित इस विशेष योजना के अन्तर्गत पंजीकृत किसी सदस्य का निधन हो जाता है तो न्यास के कार्यकारी परिषद या उसके द्वारा गठित समिति के आधिकारिक आह्वान पर इस विशेष योजना से अन्तर्गत पंजीकृत अन्य सभी सदस्य या सदस्यों का एक अथवा एक से अधिक समूह सहयोग/सहायता/दान हेतु निर्धारित धनराशि (अर्थात सहयोग/सहायता/दान हेतु न्यास के कार्यकारी परिषद अथवा उसके द्वारा गठित समिति द्वारा निर्धारित की गयी धनराशि) सीधे दिवंगत सदस्य के नामित व्यक्ति (नॉमिनी) के बैंक खाते में पृथक-पृथक रूप में जमा करेंगे तथा इस प्रकार किये गये सहयोग का प्रमाण/साक्ष्य भी न्यास की वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इस विशेष योजना में पंजीकृत सदस्यों की संख्या के आधार पर सहायता राशि में परिवर्तन का अधिकार न्यास के कार्यकारी परिषद अथवा उसके द्वारा गठित समिति के पास सुरक्षित रहेगा। यदि किसी पंजीकृत सदस्य में दो व्यक्तियों को नॉमिनी बनाया है तो ऐसी स्थिति में उन दोनों नॉमिनी व्यक्तियों का किसी बैंक में संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित संयुक्त खाता होना अनिवार्य है |
- निश्चित अवरुद्धता अवधि (लॉक-इन पीरियड) तथा उसके पश्चात की सदस्यता अवधि के सम्बन्ध में – न्यास द्वारा संचालित इस विशेष योजना में पंजीकृत सदस्य के पंजीकरण की तिथि से 90 दिन तक की अवधि को निश्चित अवरुद्धता अवधि (लॉक-इन पीरियड) निर्धारित की गई है। इस अवधि के अन्तर्गत सभी निर्धारित सहयोग करना अनिवार्य होगा। इसके पश्चात् सदस्य को अपने पंजीकरण से मृत्यु तक कुल सहयोग शत-प्रतिशत अर्थात् 100% पूर्ण सहयोग करना होगा तभी वह सदस्य स्वयं हेतु सहयोग/सहायता/दान पाने का अधिकारी होगा। यदि इस विशेष योजना में पंजीकृत किसी सदस्य की मृत्यु 90 दिन तक की अवधि जोकि निश्चित अवरुद्धता अवधि (लॉक-इन पीरियड) है से पूर्व हो जाती है तो उसके द्वारा नामित व्यक्ति (नॉमिनी) को इस विशेष योजना के अन्तर्गत किसी प्रकार का सहयोग/सहायता/दान प्रदान नहीं किया जायेगा | यदि इस विशेष योजना के अन्तर्गत पंजीकृत कोई सदस्य शत-प्रतिशत अर्थात् 100% सहयोग के मापदंड को पूर्ण नहीं करता है तो उसकी सदस्यता स्वतः ही समाप्त हो जायेगी ऐसी स्थिति में उक्त व्यक्ति को इस विशेष योजना से जुड़ने हेतु पुनः पंजीकरण कराना होगा एवं उपरोक्त 90 दिन की निश्चित अवरुद्धता अवधि (लॉक-इन पीरियड) के नियम एवं शर्तों का पूर्ण रूप से पालन करना होगा।
- पंजीकृत सदस्य द्वारा आत्महत्या करने, या नॉमिनी द्वारा पंजीकृत सदस्य की हत्या अथवा हत्या की आशंका के संबंध में प्रावधान – यदि इस विशेष योजना के अन्तर्गत पंजीकृत सदस्य द्वारा आत्महत्या की जाती है तो ऐसी स्थिति में उसके द्वारा नामित व्यक्ति (नॉमिनी) को किसी भी प्रकार की कोई आर्थिक सहायता प्रदान नहीं की जाएगी। आत्महत्या को छोड़कर अन्य सभी मृत्यु के मामलों में सहायता हेतु अपील की जा सकेगी एवं आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा सकेगा | यदि इस विशेष योजना के अन्तर्गत पंजीकृत सदस्य के नॉमिनी द्वारा ही उसकी हत्या की जाती है, या नॉमिनी पर शंका हो कि उसने ही पंजीकृत सदस्य की हत्या की हो तो ऐसे नॉमिनी को सहायता राशि नहीं दी जाएगी। ऐसी स्थिति में न्यास का कार्यकारी परिषद अथवा उसके द्वारा इस विशेष योजना को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु गठित समिति गम्भीरता पूर्वक विचार कर अन्य उपयुक्त नॉमिनी का चयन कर सकती है तथा उसे सहयोग/सहायता/दान राशि प्रदान करने की घोषणा कर सकता है |
- भूलवश अथवा गलती से भेजे गये अतिरिक्त सहायता राशि की वापसी – यदि न्यास द्वारा संचालित इस विशेष योजना के अन्तर्गत पंजीकृत किसी सदस्य द्वारा भूलवश अथवा गलती से सहयोग/सहायता/दान हेतु निर्धारित की गई राशि से अधिक राशि नॉमिनी के खाते में भेज दी जाती है तो उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर नॉमिनी को वह राशि संबंधित सदस्य को वापस करनी होगी। भूलवश अथवा गलती से भेजे गये इस प्रकार की राशि को वापस दिलवाने की जिम्मेदारी न्यास की नहीं होगी, परन्तु न्यास के कार्यकारी परिषद अथवा न्यास द्वारा गठित समिति उक्त राशि को वापस कराने का पूर्ण प्रयास करेगी |
- हेल्पलाइन सुविधा – इस विशेष योजना के अन्तर्गत पंजीकृत सदस्यों की सुविधा हेतु न्यास द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया जायेगा, जिसके माध्यम से कॉल अथवा व्हाट्सएप संदेश द्वारा जानकारी प्राप्त की जा सकेगी अथवा तकनीकी सहायता ली जा सकेगी |
- सहयोग/सहायता/दान प्राप्त करने हेतु विधिक कार्यवाही अथवा न्यायिक चुनौती पर प्रतिबंध – न्यास द्वारा संचालित इस विशेष योजना के अन्तर्गत दी जाने वाली सहयोग/सहायता/दान की राशि विशुद्ध रूप से दान की श्रेणी में आयेगा इस हेतु कोई भी व्यक्ति विधिक चुनौती नहीं दे सकता क्योंकि दान विधिक अधिकार की श्रेणी में नहीं आता |
- अभद्र व्यवहार करने वालों, दुष्प्रचार अथवा भ्रम फ़ैलाने वालों के विरुद्ध कार्यवाही के सम्बन्ध में – यदि न्यास द्वारा संचालित इस विशेष योजना के अन्तर्गत पंजीकृत कोई सदस्य बिना किसी साक्ष्य के न्यास अथवा न्यास द्वारा संचालित इस विशेष योजना के सम्बन्ध में दुष्प्रचार करता है अथवा अफवाह फैलाता है या न्यास के किसी सदस्य से अभद्र व्यवहार करता है तो न्यास का कार्यकारी परिषद अथवा इस विशेष योजना हेतु उसके द्वारा गठित समिति उक्त सदस्य की सदस्यता समाप्त कर सकती है तथा उक्त सदस्य/व्यक्ति के विरुद्ध विधिक कार्यवाही भी कर सकती है |